स्वमूल्यांकन क्या है | स्वमूल्यांकन प्रपत्र |- WORDDESCRIBE
कोई भी व्यक्ति तभी स्वमूल्यांकन करता है जब वो खुद को किसी संकटग्रस्त स्थिति में पाता है। आज के समय में, जब व्यक्ति बाहरी मूल्यांकन ( Loan , Relationship, Family disputes, workplace stress and problems, बार बार प्रयास करने के बाबजूद लक्ष्य तक न पहुंचना जैसे Exam, Appraisal, Ranking, Likes, Views) से घिरा है, तब स्वमूल्यांकन उसे आत्म-संतुलन, नैतिकता और आत्मविकास की दिशा देता है।