स्वमूल्यांकन क्या है | स्वमूल्यांकन प्रपत्र |- WORDDESCRIBE
कोई भी व्यक्ति तभी स्वमूल्यांकन करता है जब वो खुद को किसी संकटग्रस्त स्थिति में पाता है। आज के समय में, जब व्यक्ति बाहरी मूल्यांकन ( Loan , Relationship, Family disputes, workplace stress and problems, बार बार प्रयास करने के बाबजूद लक्ष्य तक न पहुंचना जैसे Exam, Appraisal, Ranking, Likes, Views) से घिरा है, तब स्वमूल्यांकन उसे आत्म-संतुलन, नैतिकता और आत्मविकास की दिशा देता है।
कबीर के आध्यात्मिक दोहे अर्थ सहित इन हिंदी I जीवन बदलने वाले विचार
जब जीवन उलझनों से भर जाए, मन अशांत हो और रास्ता साफ न दिखे—
तब संत कबीर के आध्यात्मिक दोहे दीपक की तरह मार्ग दिखाते हैं।
सरल शब्दों में कही गई गहरी बातें, जो सीधे मन और आत्मा को छू जाती हैं।
इस ब्लॉग में आप पढ़ेंगे कबीर के प्रसिद्ध आध्यात्मिक दोहे, उनके अर्थ और भावार्थ, जो आज के जीवन में भी उतने ही प्रासंगिक हैं।
उल्लेखनीय परिवर्तन का तात्पर्य — 3 परिस्थितियों से समझें गहराई तक I
परिवर्तन कैसे उल्लेखनीय परिवर्तन में बदल जाता है। भारत के इतिहास में क्या उल्लेखनीय परिवर्तन हुआ है। खुद के जीवन में कैसे उल्लेखनीय परिवर्तन किया जा सकता है ?
इस लेख के माध्यम से इन्ही सारे सवालों का जबाब ढूंढेंगे।
दृढ़ संकल्प कैसे विकसित करें? ( 5 प्रैक्टिकल टिप्स)
आप जो खुली आँखों से सपने देख रहे हैं उसे यथार्थ में बदलने के लिए दृढ संकल्प को कैसे विकसित करें ये सीखना होगा। क्योंकि दृढ संकल्प के सूत्र को समझे बिना सपने को यथार्थ में बदल ही नहीं सकते हैं। या कहे की दृढ संकल्प के बिना किसी भी लक्ष्य प्राप्त करना संभव ही नहीं है।
इस लेख के माध्यम से समझेंगे की कैसे सफलता के उच्च शिखर को छूने वाले लोगदृढ संकल्प को विकसित करते हैं।
दृढ़ संकल्प का अर्थ क्या है | संकल्प और दृढ़ संकल्प में क्या अंतर है | WORDDESCRIBE
जो भी व्यक्ति जीवन में असफलता से शिखर तक का सफर करना चाहता है उसके लिए दृढ़ संकल्प का अर्थ क्या है ? संकल्प और दृढ़ संकल्प में क्या अंतर है को जानना क्यों अत्यंत जरूरी है ?
खुद दृढ संकल्प को विकसित कर जीवन की दिशा बदलने का सार्क प्रयास करेंगे।
अस्तित्व का अर्थ: व्यक्तिगत खोज से शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व तक
क्या हम अपने जीवन के अस्तित्व का अर्थ के बारे में जानते हैं या हम सबके अस्तित्व का कोई गहरा उद्देश्य है ? वास्तव में जब हम अस्तित्व का अर्थ को गहराई से समझ पाते हैं तभी हमें पता चलता है कि जीवन केवल व्यक्तिगत यात्रा नहीं बल्कि यह शांतिपूर्ण सह अस्तित्व की नींव से जुड कर आगे बढ़ता है।
क्या हम सच में जानते हैं कि हमारे जीवन के अस्तित्व का क्या उद्देश्य है?
अस्तित्व को समझना मतलब अपनी जड़ों, अपनी चेतना और अपने उद्देश्य को समझना। यह लेख आपको अस्तित्व के हर पहलू को सरल भाषा में समझाएगा।