हर शब्द का विस्तृत परिचय, इतिहास, उसका सही अर्थ, संधि -विच्छेद , पर्यायवाची ,उपयोग के उदाहरण और उसका महत्व को जानकर अपनी अभिव्यक्ति को नयी ऊंचाई दें ।

आप जो खुली आँखों से सपने देख रहे हैं उसे यथार्थ में बदलने के लिए दृढ संकल्प को कैसे विकसित करें ये सीखना होगा। क्योंकि दृढ संकल्प के सूत्र को समझे बिना सपने को यथार्थ में बदल ही नहीं सकते हैं। या कहे की दृढ संकल्प के बिना किसी भी लक्ष्य प्राप्त करना संभव ही नहीं है।
इस लेख के माध्यम से समझेंगे की कैसे सफलता के उच्च शिखर को छूने वाले लोग दृढ संकल्प को विकसित करते हैं।ये भी बताऊंगा कि मेरा दृढ संकल्प कैसे विकसित हो रहा है।

जो भी व्यक्ति जीवन में असफलता से शिखर तक का सफर करना चाहता है उसके लिएदृढ़ संकल्प का अर्थ क्या है ? को जानना  क्यों अत्यंत जरूरी है ?

खुद दृढ संकल्प को विकसित कर जीवन की दिशा बदलने का सार्क प्रयास करेंगे। 

क्या हम अपने जीवन के अस्तित्व का अर्थ के बारे में जानते हैं या हम सबके अस्तित्व का कोई गहरा उद्देश्य है ? वास्तव में जब हम अस्तित्व का अर्थ को गहराई से समझ पाते हैं तभी हमें पता चलता है कि जीवन केवल व्यक्तिगत यात्रा नहीं बल्कि यह शांतिपूर्ण सह अस्तित्व की नींव से जुड कर आगे बढ़ता है।क्या हम सच में जानते हैं कि हमारे जीवन के अस्तित्व का क्या उद्देश्य है?
अस्तित्व को समझना मतलब अपनी जड़ों, अपनी चेतना और अपने उद्देश्य को समझना। यह लेख आपको अस्तित्व के हर पहलू को सरल भाषा में समझाएगा।


“अनुशासन का महत्व”: को जानो तो मंजिल निश्चित है।

ब्लॉग की शुरुआत एक आकर्षक प्रश्न खुद से करें कि जीवन में सफल और संतुष्ट रहने के लिए कौन सा एक गुण सबसे आवश्यक है।जो मुझमें नहीं है? सफल व्यक्ति क्या जानता है जो मैं नहीं जानता हूँ ?उत्तर है – अनुशासन का महत्व को नहीं जाना अब तक। इसलिए अब तक असफल है। आप ब्लॉग पढ़ रहे हैं इसका मतलब है आपमें सफल होने की इच्छा अब भी है। यदि आप अनुशासन का महत्व अच्छे से जानकर उस पर अमल किया तो आप भी निश्चित सफल हो सकते हैं

संकोच: बच्चे सवाल पूछने में संकोच क्यों करते हैं? 5 प्रमुख मनोवैज्ञानिक कारण

। संकोच: बच्चे सवाल पूछने में संकोच क्यों करते हैं? 5 प्रमुख मनोवैज्ञानिक कारण

सवाल क्यों नहीं पूछ पा रहा?   2.क्या यह उसकी प्रकृति है या हमारे व्यवहार का परिणाम? यह लेख अनुभव + विज्ञान + मनोविज्ञान — तीनों के आधार पर इस प्रश्न का उत्तर देता है। संकोच का अर्थ है — झिझक, हिचक, डर या असहजता के कारण अपने विचार, भावना या प्रश्न को खुलकर व्यक्त न कर पाना। यह मन की वह अवस्था है जिसमें व्यक्ति बोलना या कुछ करना चाहता है, लेकिन आंतरिक भय, सामाजिक दबाव या आत्म-संदेह उसे रोक देता है।

उल्लेखनीय परिवर्तन का तात्पर्य

उल्लेखनीय परिवर्तन का तात्पर्य — 3 परिस्थितियों से समझें गहराई तक I

परिवर्तन कैसे उल्लेखनीय परिवर्तन में बदल जाता है। भारत के इतिहास में क्या उल्लेखनीय परिवर्तन हुआ है। खुद के जीवन में कैसे उल्लेखनीय परिवर्तन किया जा सकता है ? इस लेख के माध्यम से इन्ही सारे सवालों का जबाब ढूंढेंगे।

कबीर के आध्यात्मिक दोहे अर्थ सहित इन हिंदी I जीवन बदलने वाले विचार

कबीर के आध्यात्मिक दोहे अर्थ सहित इन हिंदी I जीवन बदलने वाले विचार

जब जीवन उलझनों से भर जाए, मन अशांत हो और रास्ता साफ न दिखे— तब संत कबीर के आध्यात्मिक दोहे दीपक की तरह मार्ग दिखाते हैं। सरल शब्दों में कही गई गहरी बातें, जो सीधे मन और आत्मा को छू जाती हैं। इस ब्लॉग में आप पढ़ेंगे कबीर के आध्यात्मिक दोहे अर्थ सहित इन हिंदी I जीवन बदलने वाले विचार, उनके अर्थ और भावार्थ, जो आज के जीवन में भी उतने ही प्रासंगिक हैं।

संकोच: बच्चे सवाल पूछने में संकोच क्यों करते हैं? 5 प्रमुख मनोवैज्ञानिक कारण

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